ग्रामीण उद्योग सशक्तिकरण
श्री राम कृष्ण ट्रस्ट भारत की ग्रामीण परंपराओं को पुनर्जीवित कर रहा है, और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए गांवों के उद्योगों पर विशेष ध्यान दे रहा है। ट्रस्ट का मानना है कि कृषि और पशुपालन से जुड़े ये उद्योग गांवों को सशक्त बना सकते हैं और रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं। ट्रस्ट ने एक ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिसके माध्यम से गोबर और गौमूत्र से 40–50 प्रकार के उत्पाद बनाए जाते हैं, जिनमें पंचगव्य-आधारित औषधियाँ, साबुन, केश तेल, अगरबत्ती और वैदिक सीमेंट जैसे पर्यावरण-अनुकूल निर्माण सामग्री शामिल हैं। इसके अलावा, ट्रस्ट प्राकृतिक खाद, कीटनाशक और गोबर गैस संयंत्र से ऊर्जा भी उत्पन्न करता है। ट्रस्ट ने कृषि उत्पाद मूल्य संवर्धन केंद्र भी स्थापित किया है, जहाँ अनाज की प्रोसेसिंग और पशु आहार का निर्माण किया जाता है। ये सभी प्रयास ट्रस्ट के ग्रामीण आत्मनिर्भरता और स्थायित्व के लक्ष्य को साकार करने में सहायक हैं।








